रांची/जमशेदपुर
भारतीय रेलवे ने 2030 तक देश के 48 प्रमुख रेल स्टेशनों पर ट्रेनों की संचालन क्षमता दोगुनी करने का बड़ा निर्णय लिया है, जिसमें झारखंड के टाटानगर (जमशेदपुर) स्टेशन भी शामिल है। यह महत्वाकांक्षी योजना यात्री मांग में लगातार हो रही वृद्धि को संभालने और रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार की गई है। रेल मंत्रालय के आदेश के तहत अगले पांच वर्षों में मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तारित किया जाएगा ताकि प्रत्येक स्टेशन पर अधिक ट्रेनें रवाना और आ सकें। वर्तमान में टाटानगर से प्रतिदिन औसतन 32 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही होती है, जिसे दोगुना करने की योजना है।

इस योजना के तहत कई इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कार्य होंगे, जिनमें शामिल हैं: प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाना, अतिरिक्त शंटिंग लाइन और पिट लाइन सुविधाएं, रख-रखाव सुविधाओं का विस्तार, यातायात सुविधा कार्य, सिग्नलिंग उन्नयन और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे अपग्रेड। इसके साथ ही टर्मिनलों के आसपास के उपस्थिति स्टेशनों का भी समन्वित विकास किया जाएगा ताकि क्षमता बढ़ाने में संतुलन बना रहे।
रेल मंत्रालय का कहना है कि यह कदम यात्रियों को बेहतर सेवा, अधिक ट्रेन उपलब्धता और भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। योजना के सफल होने पर देशभर के प्रमुख शहरों में रेल सेवाओं की गति, सुविधा और यात्री अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होगा। टाटानगर, रांची, पटना, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे बड़े स्टेशनों को इस विस्तार योजना में शामिल किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में झारखंड समेत पूरे क्षेत्र में रेल संपर्क और सुविधाएं और भी सशक्त होंगी।
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